सेना भर्ती में अनफिट रहे युवाओं को सेंटर के बाहर ही बनाते थे टारगेट, स्पोर्ट्स कोटे से भर्ती कराने का झांसे दे ठगता था गिरोह

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सेना भर्ती के नाम पर रोहतक के चार युवाओं के साथ ठगी मामले में नया खुलासा हुआ है। शातिरों का ये गिरोह सेना भर्ती के दौरान सेंटर के बाहर ही युवाओं को अपना निशाना बनाते थे। भर्ती के दौरान अनफिट रहने पर बाहर अाने वाले युवाओं को ये अपनी सेटिंग से भर्ती कराने का झांसा देते और उनसे ठगी करते। रोहतक के 4 युवाओं के साथ हुई ठगी में गिरोह ने दो युवाओं को स्पोर्ट्स कोटे से सेना में भर्ती कराने का झांसा दिया।

इनके फर्जी स्पोर्ट्स कोटे के सर्टिफिकेट बनाए और सेना भर्ती का फर्जी जॉइनिंग लेटर तक दिया। एक युवक को तो ये लोग बंगलुरु में ट्रेनिंग दिलाने के बहाने तक लेकर गए। वहां दो दिन घुमाकर ये कह वापस रोहतक भेज दिया कि ट्रेनिंग अब अहमदाबाद में होगी। फिलहाल राेहतक के थाना शिवाजी कॉलोनी पुलिस ने मामले में भिवानी के कपिल, नवीन, मैणी और एक महिला के खिलाफ केस दर्ज किया है।

फिलहाल इन चारों युवाओं ने जो कहानी बताई है उससे सेना भर्ती के दौरान सेंटरों के बाहर दलालों व जालसाजों के नेटवर्क को उजागर किया है। सेना भर्ती में अनफिट या फेल होने वाले युवाओं को ही आरोपी अपना शिकार बनाते थे। इसके लिए धोखेबाज सेना भर्ती की प्रक्रिया पर नजर रखते कि किस युवक को अनफिट घोषित किया गया है और किसे भर्ती से किस कारण से बाहर किया जा रहा है। फिर युवकों से संपर्क कर उन्हें इस तरह से बरगलाते कि पूरी सेना भर्ती ही उन्हीं के भराेसे चलती है। इस मामले में कबूलपुर के युवा थोड़े भी समझदारी से काम लेते तो इस जाल में फंसने से बच जाते।

फर्जी लेटर दे ट्रेनिंग को बेंगलुरु बुलाया

कबूलपुर के अरुण के अनुसार उनकी जिले के ही सुनारिया गांव में रिश्तेदारी है। वहीं पर भिवानी के कपिल की भी शादी हुई है। 2018 में कपिल से उसकी ससुराल में मुलाकात हुई। अरुण को कपिल ने उसे बताया कि वह उसे स्पोर्ट्स कोटे से सेना में भर्ती करवा सकता है। इसके लिए करीब साढ़े चार लाख रुपए खर्च आएगा। अरुण के शब्दों में इसके बाद कपिल ने ही पहले तो मेरा स्टेट और नेशनल लेवल पर एथलेटिक्स खेल का सर्टिफिकेट बनवाया और फिर सेना में भर्ती करवाने का दावा किया।

मेरे साथी मोहित को भी कपिल ने स्पोर्ट्स कोटे से सेना में भर्ती करवाने का झांसा दिया। इसके बाद दोनों को एक लिस्ट दी, जिनमें उनके रोल नंबर दर्शाए गए थे। कुछ दिन बाद दोनों को जॉइनिंग लेटर दिखाकर ट्रेनिंग के लिए बेंगलुरु बुलाया गया। लेकिन सेना सेंटर में उनकी एंट्री नहीं हो पाई। तब कपिल ने कहा कि उसका ट्रेनिंग सेंटर अब अहमदाबाद हो गया है। अरुण के अनुसार 2 दिन में वो बंगलुरु से लौट आया। रोहतक आकर उसे दिए कागजातों की जांच अपने स्तर पर कराई तो पता चला सब फर्जी है।

साढ़े तीन लाख रुपए में की थी सेटिंग

गांव कबूलपुर निवासी दीपक ने बताया कि मैं और मेरा साथी नवीन फरवरी में राजीव गांधी स्टेडियम से खुली भर्ती में हिस्सा लेने के गए थे। फिजिकल पास नहीं कर पाए तो 17 फरवरी को ही भर्ती सेंटर के बाहर ही कपिल मिला। आरोपी कपिल ने मुझे बताया कि मैं आपको फिजिकल में फिट करवा दूंगा, लेकिन इसके लिए आपको 3 लाख 60 हजार रुपए देने होंगे। हमने कपिल से कह दिया कि पैसे इस समय हमारे पास नहीं है। कल तक दे देंगे तो हमारे पास भर्ती केंद्र का नाम लेकर फोन आया कि हम भर्ती स्थल पर अंदर से बोल रहे हैं।

आपका फिजिकल क्लियर हो गया है। इसके बाद कपिल ने कहा कि अंबाला में आपका मेडिकल होगा और वहीं पर रोल नंबर मिलेगा। अगले दिन कपिल को पैसे देकर मैं और मेरा दोस्त नवीन दोनों अंबाला में अपना रोल नंबर और मेडिकल जांच करवाने के लिए गए। पर वहां पर कोई सुनवाई नहीं हुई। जब कपिल से बात की तो उसने भी सही तरीके से कोई जवाब नहीं दिया। बाद में घर आकर परिजनों से सलाह-मशविरा किया तो लगा कि हमारे साथ धोखा हो गया है।