मकान बनाने के आवेदन मंजूर हुए, तोड़े तो किस्त नहीं मिली, अब अधूरे या कर्ज ले रहे

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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए जो सपना दिखाया गया वह अधूरा है। तीन साल पहले 1270 लोगों ने आवेदन दिए कि उन्हें मकान निर्माण के लिए राशि मिले। नगर निगम की कार्यप्रणाली ऐसी है कि अब तीन साल बाद 399 के आवेदन रद्द कर दिए गए हैं। पहले 127 लोगों के आवेदन मंजूर किए जा चुके हैं, लेकिन इनकी भी निर्माण की किश्त किसी की एक तो किसी की दो साल से अटकी हैं। उम्मीद में किसी ने पुराना मकान तोड़कर नींव भरी है तो कोई कर्ज लेकर मकान पूरा कर रहे हैं। 6 मकान ही योजना के तहत पूरे हुए हैं जबकि निगम के पास बजट पहले से आया हुआ है।

नगर निगम की दलील है कि आवेदन मंजूरी के बाद भी लोगों ने तय नियमानुसार अमल नहीं किया। खामियों से यह समस्या पैदा हुई। वहीं, अधिकांश लोगों ने इस उम्मीद में कि एक न एक दिन नगर निगम की ओर से उन्हें मकान के लिए पैसा मिलेगा, शुरुआत में कर्ज लेकर मकान बनाने का काम शुरू कर दिया। लेकिन तीन साल के बाद भी अब जब निगम से कोई बजट नहीं मिलने पर स्थिति पहले से बहुत खराब हो गई। हालात यह है निगम से पैसे नहीं मिलने से घर का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, कर्ज पर ब्याज लग रहा है और अभी भी किराए के मकान में रहने को मजबूर है।

आवेदन के तीन साल बाद सूची से बाहर किए

नगर निगम की ओर से योजना के तहत 1270 लोगों को मकान के लिए बजट देना है। तीन साल पहले इसके आवेदन लिए गए। लेट लतीफी और कार्यप्रणाली ऐसी है कि अब 399 को अपात्र घोषित कर उनकी सूची नगर निगम कार्यालय पर चस्पा कर दी है। बताया गया है कि 124 की सूची अभी और लगनी बाकी है। हालांकि रिजेक्ट की गई सूची में यह भी लिखा गया है कि किसी आवेदक को कोई प्रतिक्रिया देनी है तो वे संबंधित अधिकारी से मिल सकते हैं,लेकिन ज्यादातर अभी भी लाभ से वंचित है।

कर्ज लेकर भरवाई नींव

करीब तीन साल पहले आवेदन किया था, तब नगर निगम की ओर से आए कर्मियों ने भरोसा दिया गया था कि एक माह में 50 हजार रुपए मिल जाएंगे,लेकिन अब तो कोई सुध लेने भी नहीं आता। 20 हजार रुपए कर्ज लेकर नींव भरवाई थी। -पुष्पा, निवासी कालुपुर।

अधूरे मकान में रह रहे

अधूरे मकान में रहने को मजबूर हैं। कमरा टूटा पड़ा है, बाथरूम का भी गेट नहीं है। निगम में जाते हैं तो कोई ना कोई कमी बताकर काम को अटका दिया जाता है। – शीला देवी, निवासी जनता कॉलोनी।

अब अधर में लटका है मकान

नींव भरने के बाद से काम अटका पड़ा है। नगर निगम के कई चक्कर काट चुके हैं, लेकिन एलओआई अब तक नहीं हो सका है। जिससे परेशानी बढ़ रही है।- लक्ष्मी देवी, निवासी मुरथल रोड।

जो पात्र होगा उसे योजना का लाभ अवश्य मिलेगा

नगर निगम प्रशासन की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रक्रिया के तहत लगातार आगे बढ़ा रहा है। हाल ही में जांच के दौरान काफी आवेदन में खामियां मिली है। जिनके लिए उन्हें सुधारकर प्रक्रिया में फिर से शामिल होने का अवसर भी प्रदान किया है। कुछ ने नियमानुसार निर्माण या नक्शा पास नहीं कराया। जो पात्र होगा उसे योजना का लाभ अवश्य मिलेगा। – सुभाष चन्द्र, संयुक्त आयुक्त नगर निगम, सोनीपत

सोनीपत. बजट नहीं आने से कालुपुर में अधूरा पड़ा निर्माण कार्य।