भर्ती में अनियमितताएं बरतने का मामला

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भर्ती में अनियमितताएं बरतने का मामला:अशोक खेमका VS संजीव वर्मा; HSWHC का रिकॉर्ड ACS की कस्टडी में, IAS ने जताई आपत्ति

हरियाणा के दो चर्चित आईएएस अशोक खेमका और संजीव वर्मा के बीच चल रहा विवाद एक फिर ताजा हो गया है। हरियाणा वेअर हाउसिंग कोर्पोरेशन में मैनेजरों की नियुक्ति प्रकिया का रिकॉर्ड विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा ने अपनी कस्टडी में ले लिया है। इसकी मांग अशोक खेमका ने एसीएस को पत्र लिखकर की थी, जबकि एमडी संजीव वर्मा ने इस पर आपत्ति जताते हुए रिकॉर्ड विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी को सौंप दिया। संजीव वर्मा ने दोनों मामलों की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की है।

हरियाणा वेअर हाउसिंग कोर्पोरेशन में दो मैनेजरों की भर्ती में अनियमिताओं के मामले में संजीव वर्मा की शिकायत पर तत्कालीन एमडी अशोक खेमका के खिलाफ पंचकूला थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। कुछ दिन पहले आईएएस अशोक खेमका ने विभाग की एसीएस सुमित्रा मिश्रा को पत्र लिखकर रिकॉर्ड से छेड़छाड़ होने की आंशका जताई। साथ ही मांग की कि भर्ती रिकॉर्ड एसीएस अपनी कस्टडी में लें। एसीएस ने इस पत्र के आधार पर हरियाणा स्टेट वेअर हाउसिंग कोर्पोरेशन के एमडी संजीव वर्मा से रिकॉर्ड मांगा।

 

एमडी ने पत्र का जवाब देते हुए आपत्ति जताई और कहा कि आईएएस अशोक खेमका द्वारा रिकॉर्ड कस्टडी में लेने की मांग करना उचित नहीं है, क्योंकि वे इस मामले में आरोपी हैं। यदि आरोपी ही मांग करने लग गया और रिकॉर्ड को ताला लगाकर रख दिया गया तो मामले की जांच कैसे पूरी हो पाएगी। फिर भी वे पत्र के आधार पर आदेशों की पालना करते हुए विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी को रिकॉर्ड सौंप रहे हैं। संजीव वर्मा ने 9 मई के इस पत्र में एसीएस से अनुरोध किया कि खुद उन पर और अशोक खेमका पर दर्ज दोनों मामलों की जांच सीबीआई से करवाएं, ताकि सच्चाई का पता चल सके।

 

यह है पूरा मामला

 

हरियाणा वेअर हाउसिंग कोर्पोरेशन के एमडी संजीव वर्मा ने वर्ष 2010 में खेमका पर विभाग में एमडी पद पर रहते हुए दो मैनेजरों की नियुक्ति में अनियमितताएं बरतने के आरोप लगाए। इसकी जांच हुई और कमेटी ने दोनों की नियुक्ति रद्द कर दी। इसके बाद 21 अप्रैल को पहले संजीव वर्मा ने आईएएस अशोक खेमका के खिलाफ पंचकूला सेक्टर-5 में एफआईआर दर्ज करने की शिकायत दी। फिर आईएएस अशोक खेमका ने आर्काइव डिपार्टमेंट में वाहन के मिसयूज की शिकायत के पुराने मामले में संजीव वर्मा के खिलाफ दोबारा शिकायत दी, परंतु पंचकूला पुलिस ने उस पर कोई कारवाई नहीं की।

 

ऐसे में खेमका ने अनिल विज को एसएमएस करके मामला उन्हें बताया। इसके बाद खेमेका के साथ गृह मंत्री अनिल विज पंचकूला डीसीपी कार्यालय पहुंचे। विज ने डीसीपी को अशोक खेमका द्वारा दी गई शिकायत पर मामला दर्ज करने के आदेश दिए और अशोक खेमका की शिकायत पर आईएएस संजीव वर्मा और रविंद्र के खिलाफ केस दर्ज किया गया। खेमका ने शिकायत में अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया और कहा कि स्क्रीनिंग कमेटी ने मैनेजर ग्रेड 1 के पात्रों को शॉर्ट लिस्ट किया गया था। न कमेटी की सिफारिश में बदलाव किया।

कमेटी द्वारा शॉर्ट लिस्ट उम्मीदवारों का इंटरव्यू कार्यकारी समिति ने लिया। सामान्य व अनारक्षित वर्ग के लिए कोटा नहीं बनता। अंक ज्यादा होने पर सामान्य वर्ग को रखा गया। यह निर्णय कार्यकारी समिति ने लिया। रविंद्र के पिता के खिलाफ उसने एक मामले में जांच की थी, इसलिए वह रंजिश रखता है। वहीं संजीव वर्मा भी वाहन के मिसयूज के आरोपों को नकार चुके हैं, क्योंकि उस समय वे कमिश्नर की ट्रेनिंग ले रहे थे। वे इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग कर चुके हैं।