पेट्रोल पंप पर सो रहे मैनेजर सहित तीन पर हथौड़ी से हमले का आरोपी गिरफ्तार, 125 सवालों के जवाब देते हुए पुलिस के सामने आरोपी का कबूलनामा

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सिरसा रोड स्थित शुभम फिलिंग स्टेशन के 2 कारिंदों पर जानलेवा हमला करने और गोयल ब्रदर्स पेट्रोल पंप के मैनेजर व ऑपरेटर की हत्या व एक कारिंदे की हत्या के प्रयास के मामले में साइको किलर और नशे के आदी आराेपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शिनाख्त परेड से पहले इसके नाम-पता का खुलासा नहीं किया है, लेकिन आरोपी वारदात स्थल के पांच किलोमीटर के दायरे में रहता है। अब इसके निशाने पर न्योली और काबरेल स्थित 2 पेट्रोल पंप थे। नशा पूर्ति के लिए वारदात कर रहा था।

एसपी बलवान सिंह राणा ने मंगलवार को प्रेस काॅन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी से कई घंटों तक पूछताछ की मगर वारदात कबूल नहीं कर रहा था। करीब 125 सवाल पूछे जिसमें उलझ गया और अपना कबूलनामा कर बैठा। इसने बताया कि पहले सस्ता नशा करता था, धीरे-धीरे स्मैक की लत गई। 2011 में एनडीपीएस एक्ट में जेल गया था। वहां अपराधियों के संपर्क में रहा था, जिनसे सीख मिली थी कि लूटपाट कर नशा पूर्ति के लिए पैसा मिलता रहेगा। जेल से बाहर आकर उसने लेटेस्ट थ्रिलर वेब सीरीज देखी थी। साउथ की एक्शन मूवी का शौकीन और सीरियल भी देखता था। इनसे वारदात करने का आइडिया आया।

अपराधियों का रिकॉर्ड खंगाला, उनमें से एक संलिप्त पाया

एसपी बलवान सिंह राणा ने बताया कि सिरसा चुंगी स्थित ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाने के लिए चेक योर क्रिमिनल स्ट्रेटजी पर काम किया। एएसपी उपासना यादव और डीएसपी हेडक्वार्टर अशोक कुमार की एसआईटी ने सैकड़ों अपराधियों की सूची बनाई थी। इनमें वे अपराधी शामिल थे जोकि जघन्य अपराधाें व नशे में संलिप्त रहे। सभी की वर्तमान जानकारी हासिल कर अंत में तीन नशेड़ियों पर जांच की सुई टिकी। इनसे सख्ती से पूछताछ करने पर 28 वर्षीय युवक उक्त वारदातों में शामिल पाया।

आरोपी ने कबूला कि महंगे नशे स्मैक-हेरोइन का आदी है जिसकी पूर्ति के लिए अपराध करना शुरू किया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ दिसंबर 2011 में सिटी थाना में एनडीपीएस एक्ट का केस दर्ज हुआ था। इसमें अदालत से 3 साल की सजा हुई थी। अभी कोविड के चलते जमानत पर रिहा है। इसके अलावा सदर थाना में नहरी पानी चोरी के मामले में सिंचाई विभाग की टीम पर हमला करने, सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने, धमकाने सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज है।

पुलिस का खुलासा पहले रैकी करता, फिर वारदात करने पहुंच जाता था

1. पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि वह रैकी कर वारदात करता था। बाइक में पेट्रोल डलवाते समय देखता था कि रात के समय पेट्रोल पंप पर कितने कारिंदे काम करते हैं। घर नजदीक था इसलिए वारदात करने पैदल ही आता-जाता था।

2. 27 अगस्त की देर रात सिरसा रोड स्थित शुभम फिलिंग स्टेशन पर 2 कारिंदे जॉनी और संदीप पर जनरेटर के हैंडल से वार कर घायल किया था। उनसे 4700 रुपये लूटे थे लेकिन हैंडल से वार का असर ज्यादा नहीं था। एक कारिंदा तो बचाव करने लगा था। ऐसे में उसने गोयल ब्रदर्स पेट्रोल पंप पर वारदात के लिए भारी चीज तलाशनी शुरू कर दी थी।

3. आरोपी का भाई बिजली का काम करता है। उसके टूल बॉक्स से हथौड़ी चुराकर रख ली थी। 24-25 सितंबर की देर रात गोयल ब्रदर्स पंप पर गया था। वहां देखा कि 2 कर्मचारी बाहर पलंग पर सो रहे हैं। एक मैनेजर कमरे में सोता है। पंप पर पहुंचकर जायजा लिया था। एक बार मैनेजर कमरे से बाहर आया था। फिर वापस जाकर सो गया था। इसके बाद उसने कमरे में जाकर मैनेजर पर ताबड़तोड़ वार कर उसे मार डाला। पुलिस के अनुसार मैनेजर की अंदरूनी जेब में करीब 13 हजार रुपए थे जोकि उसके हाथ नहीं लगे। कमरे की अलमारियों का खंगाला था लेकिन वहां से कुछ नहीं मिला। इसके बाद बाहर सो रहे ऑपरेटर बृजेश व कारिंदे घनश्याम पर हमला किया था। उसने 6900 रुपये लूटकर ले गया था। 70-80 हजार रुपये लूट की बात सामने नहीं आई है।

4. वारदात के वक्त रूटीन के कपड़े नहीं पहनता था। कपड़े वह पहनता था जोकि काफी पुराने थे। इसके अलावा मुंह पर कसकर परना बांधा था ताकि कोई चेहरा न देख पाए। मोबाइल अपने पास नहीं रखता था, क्योंकि फिल्म व सीरीज से बचाव के तरीके जो सीखे थे।

नशे में उजाड़ा घर, करीब 20 दिन पहले बना पिता

आरोपी सिरसा रोड स्थित एक गांव का है। पिता एक सरकारी विभाग में काम करते थे जिनका निधन हो चुका है। आरोपी शादीशुदा है जोकि करीब 20 दिन पहले एक बच्चे का पिता बना है। ग्रामीणों के अनुसार पिता को रिटायरमेंट पर जितना पैसा व पीएफ मिला था, वह उसके बेटे ने नशे की पूर्ति में खर्च कर दिए। मां-पत्नी के गहनों से लेकर घर की तमाम कीमती चीजों काे बेचना शुरू कर दिया।

पुलिस इन तरीकों काे अपना आराेपी तक पहुंची

  • एसपी सहित एसआईटी ने वारदात स्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की शारीरिक सरंचना, ऊंचाई, उसके चलने और अपराध करने के तरीके, अपराधी की मनोदशा एवं मनो स्थिति नोटिस की।
  • आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड और वारदात के समय प्रदर्शित हाव-भाव को ध्यान में रखकर वैज्ञानिक तरीके एवं आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए जांच की। एसआईटी ने क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां करने वाले, शारीरिक संरचना, हाव-भाव रखने वाले व्यक्तियों का रिकाॅर्ड बनाया और जीवनशैली की जानकारियां हासिल की।
  • सभी बिंदुओं की गहन जांच कर पंप पर हुए अपराध में अपराधी की संलिप्तता की संभावना नजर आई। हिरासत में लेकर पूछताछ की ताे उसने अपराध कबूल किया।