गायनी डॉ. हरिप्रिया का इस्तीफा मंजूर, सर्जन से विवाद के बाद अस्पताल से कूदने का प्रयास किया था

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कैंट सिविल अस्पताल की गायनोकाॅलाेजिस्ट एवं मेडिकल ऑफिसर डॉ. हरिप्रिया बाजवा का इस्तीफा स्वास्थ्य विभाग ने मंजूर कर लिया है। गायनोकाॅलाेजिस्ट की एक वीडियो सामने आई थी जिसमें सर्जन डॉ. मनोज वर्मा से विवाद के बाद वे ओपीडी के थर्ड फ्लोर से कूदने का प्रयास करते हुए नजर आती हैं। असल में अस्पताल के सीसीटीवी में यह घटना कैद हो गई थी।

महिला डॉक्टर ने 18 जून को 24 घंटे का नोटिस देते हुए इस्तीफा दे दिया था। हालांकि बाद में महिला डॉक्टर दोबारा नौकरी जॉइन करने का प्रयास कर रही थीं। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) राजीव अरोड़ा की ओर से 28 सितंबर को आई चिट्‌ठी में जानकारी दी गई कि डॉ. हरिप्रिया का इस्तीफा 18 जून से ही मंजूर कर लिया है।

गायनोकाॅलाेजिस्ट से विवाद के केंद्र में रहे सर्जन डॉ. मनोज वर्मा की डॉक्टर पत्नी ने अस्पताल एडमिनिस्ट्रेशन व पुलिस को शिकायत दी थी। पत्नी ने आरोप लगाए थे कि उनके पति पर गायनोकॉलोजिस्ट शादी का दबाव बना रही है और मुझे भी अपमानित करना चाह रही है। इस विवाद के बाद डॉक्टर वर्मा दंपती का नारायणगढ़ तबादला हो गया था।

2 बार खिड़की खोल कूदने की कोशिश की

गायनोकाॅलाेजिस्ट डॉ. हरिप्रिया के इस्तीफे का यह विवाद 16 जून से शुरू हुआ था। जब अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज में गायनोकॉलोजिस्ट ओपीडी के थर्ड फ्लोर की खिड़की से कूदने का प्रयास करतीं नजर आती हैं। डॉ. मनोज उन्हें ऐसा करने से रोकते हैं। एक बार तो वे गायनोकॉलोजिस्ट को पीछे कर खिड़की बंद कर देते हैं। जैसे ही डॉ. मनोज बाहर गलियारे से एक महिला को मदद के लिए बुलाते हैं, तभी गायनोकॉलोजिस्ट दोबारा से खिड़की खोलकर नीचे कूदने की कोशिश करती नजर आती हैं। डॉ. मनोज उन्हें खिड़की से खींच लेते हैं। इस दौरान यहां आई एक महिला भी गायनोकॉलोजिस्ट को रोकती है। फिर वे वहां से चले जाते हैं।

पुलिस तक भी पहुंचा था मामला

सुसाइड के प्रयास की घटना के बाद डॉ. मनोज वर्मा की डॉक्टर पत्नी ने एक शिकायत अस्पताल प्रशासन व पुलिस को दी थी। इसमें उन्होंने पति व गायनोकाॅलाेजिस्ट के बीच दोस्ती का हवाला देते हुए इसके लिए खुद को जिम्मेदार न होने की बात कही थी। महिला थाने में दोनों पक्षों के बयान भी हुए थे। हालांकि किसी भी पक्ष पर केस दर्ज नहीं हुआ था। बाद में गायनोकॉलोजिस्ट की तरफ से इस्तीफा दिए जाने व दोबारा ऐसा न करने के आश्वासन पर मामला शांत हो गया था। यह मामला एक बार फिर तब हवा ले गया था, जब गायनोकाॅलाेजिस्ट ने स्वास्थ्य विभाग से रि-जाॅइनिंग की अपील की थी।

मैंने आत्महत्या का प्रयास नहीं किया, ऐसा केवल डराने के लिए किया : डॉ. हरिप्रिया

मैंने आत्महत्या का कोई प्रयास नहीं किया था। डॉ. मनोज वर्मा खुद मुझे आत्महत्या करने की धमकी देते थे। जिससे मुझे अपनी लाइफ में आगे बढ़ने में परेशानी हो रही थी। मैंने उन्हें डराने के लिए ऐसा किया था ताकि वह इमोशनली आगे से ऐसा न करें। इस्तीफा स्वीकार होने की अभी मुझे कोई जानकारी नहीं है।
डॉ. हरिप्रिया बाजवा